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वसन्तदेव/बसन्तदेव |Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय वसन्तदेव को उपलब्ध अभिलेखीय प्रमाणों के आधार पर कत्यूरी वंश का संस्थापक माना जाता है। प्रारम्भ में वह स्वतंत्र शासक न होकर उत्तराखण्ड क्षेत्र में एक सामन्त अथवा रक्षक के रूप में कार्य करता था। कन्नौज के शासक यशोवर्मन की शक्ति कमजोर होने के बाद उसने स्वतंत्र सत्ता स्थापित की तथा जोशीमठ के निकट…
सलोणादित्य|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय भूदेव के पश्चात कार्तिकेयपुर राज्य के इतिहास में एक नए राजवंश का उल्लेख मिलता है, जिसे सलोणादित्य वंश कहा जाता है। यशवंत सिंह कठोच के अनुसार इस तृतीय परिवार का संस्थापक सलोणादित्य था, जबकि बालेेश्वर एवं पाण्डुकेश्वर ताम्रपत्रों के आधार पर इच्छटदेव को इसका संस्थापक माना गया है। सलोणादित्य के शासन से संबंधित जानकारी…
ग्वारख्या गुफा (उड्यार) | Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय ग्वारख्या गुफा (उड्यार) उत्तराखंड की प्रागैतिहासिक शैलचित्र परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ प्राप्त शैलचित्र प्राचीन मानव की कलात्मक अभिव्यक्ति, जीवन-गतिविधियों तथा प्रकृति और पशुओं के साथ उसके संबंधों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। चित्रों में मानव एवं पशु आकृतियों का संयोजन तत्कालीन जीवन के विभिन्न पक्षों को दर्शाता है। रंगों, आकृतियों…
ललितशूरदेव|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय इष्टगणदेव के पश्चात उसका पुत्र ललितशूरदेव कार्तिकेयपुर राज्य की राजगद्दी पर बैठा। उसे कत्यूरी वंश के सर्वाधिक प्रतापी एवं शक्तिशाली शासकों में गिना जाता है। उसके शासनकाल से सर्वाधिक संख्या में ताम्रपत्र प्राप्त हुए हैं, जिनसे तत्कालीन राजनीतिक, धार्मिक एवं सामाजिक स्थिति की जानकारी मिलती है। ललितशूरदेव एक दानी, धर्मपरायण एवं कुशल शासक था।…
सोर शाखा|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय सोर राज्य वर्तमान पिथौरागढ़ जनपद में स्थित परवर्ती कात्यूरी सत्ता का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। यह क्षेत्र सीरा के दक्षिण में स्थित था और यहाँ के बम अथवा ब्रह्म राजा डोटी की कात्यूरी शाखा से संबंधित माने जाते हैं। सोर शाखा के इतिहास की जानकारी मुख्यतः ताम्रपत्रों और स्थानीय परंपराओं से प्राप्त होती है।…
UTTRAKHAND SUBJECT WISE MCQ HINDI MEDIUM
उत्तराखंड का प्राचीन इतिहास 1. प्रागैतिहासिक इतिहास – पाषाणयुगीन उपकरण (Palaeoliths)- गुहा – चित्र (Cave Painting)2.आद्य इतिहास- महापाषाणीय ऊखल -सदृश गड़ढे(Cup Marks)- ताम्र-निखात संस्कृति(Copper Hoard Culture)- महापाषाणीय शवाधान (Megalithic Burials)- चित्रित धुसर मृदभाड(PGW)3. वैदिक व पौराणिक काल मे उत्तराखंड 4. कुणिंद शासन काल 5. उत्तराखंड मे शक शासन 6. उत्तराखंड मे कुषाण शासन 7. कुषाणोंत्तर…