मणदेव का राजवंश|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material

परिचय

कार्तिकेयपुरवंशीय सत्ता के पतन के बाद उत्तराखण्ड में अनेक स्थानीय राजवंशों एवं गढ़पतियों का उदय हुआ। इसी क्रम में मन्दाकिनी घाटी के संभावित शासक मणदेव का उल्लेख मिलता है। मणदेव के संबंध में जानकारी अत्यंत सीमित है और उनका इतिहास मुख्यतः गुप्तकाशी के समीप नाला में स्थित मंदिर के शिलालेख से ज्ञात होता है। उनके वंश, राज्य की सीमा तथा राजनीतिक गतिविधियों के बारे में अन्य स्वतंत्र स्रोत उपलब्ध नहीं हैं।

प्रमुख बिंदु

  • मणदेव नामक एक शासक, जिसे मन्दाकिनी घाटी का राजा माना जा सकता है, ने शक संवत् 1168 (1246 ई.) में गुप्तकाशी के समीप नाला में एक मंदिर का निर्माण करवाया।
  • मणदेव से संबंधित शिलालेख मंदिर के द्वार पर उत्कीर्ण है।
  • मणदेव का नाम अन्य किसी स्वतंत्र ऐतिहासिक स्रोत से प्राप्त नहीं होता है।
  • यदि मणदेव के अस्तित्व एवं मन्दाकिनी घाटी पर उनके शासन को स्वीकार किया जाए, तो सम्भवतः कालांतर में उनका राज्य भी परमारों के अधीन हो गया होगा।

निष्कर्ष

मणदेव का उल्लेख उत्तराखण्ड के उस संक्रमणकालीन राजनीतिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जब कार्तिकेयपुरवंशीय सत्ता के कमजोर होने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय राजाओं और स्वतंत्र राजसत्ताओं का उदय हुआ था। शक 1168 अर्थात 1246 ई. के नाला मंदिर के शिलालेख से मणदेव के अस्तित्व तथा उनकी धार्मिक-स्थापत्य गतिविधि का संकेत मिलता है। हालांकि, उनके राज्य की सीमा, वंश परंपरा और राजनीतिक उपलब्धियों के संबंध में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए मणदेव को मन्दाकिनी घाटी का शासक मानने का आधार मुख्यतः यही अभिलेख है। बाद में इस क्षेत्र के परमार सत्ता के अधीन आने की सम्भावना व्यक्त की जाती है। इस प्रकार मणदेव का राजवंश उत्तराखण्ड की मध्यकालीन बहुराजकता और क्षेत्रीय शक्तियों के क्रमिक एकीकरण की प्रक्रिया को समझने में सहायक है।

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गंगोली का मणकोटी राज्य – 10 MCQ Quiz
1. गंगोली का मणकोटी राज्य किन दो नदियों के मध्य स्थित था?
सही उत्तर: सरयू–रामगंगा
मणकोटी राज्य का क्षेत्र सरयू और रामगंगा नदियों के मध्य स्थित था। यह भौगोलिक स्थिति मणकोटी राज्य की पहचान से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य है।
2. मणकोटी राज्य की राजधानी कहाँ स्थित थी?
सही उत्तर: मणकोट
मणकोटी राज्य की राजधानी मणकोट में स्थित थी। इसी राजधानी के नाम के आधार पर इस राज्य को मणकोटी राज्य कहा जाता है।
3. मणकोटी राज्य की प्रमुख बस्ती कौन-सी थी?
सही उत्तर: गंगोलीहाट
गंगोलीहाट मणकोटी राज्य की प्रमुख बस्ती थी। इसलिए मणकोट को राजधानी और गंगोलीहाट को प्रमुख बस्ती के रूप में याद रखना परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
4. एटकिंसन के अनुसार मणकोटी शासक किस वंश से संबंधित थे?
सही उत्तर: चन्द्रवंशी राजपूत
एटकिंसन के अनुसार मणकोटी शासक चन्द्रवंशी राजपूत थे। उन्होंने इन शासकों के संबंध डोटी से आने वाले चन्द्रवंशी राजपूतों से बताए हैं।
5. एटकिंसन के अनुसार मणकोटी राजपूत कहाँ से आए थे?
सही उत्तर: डोटी
एटकिंसन के अनुसार मणकोटी राजपूत डोटी से आए थे। मणकोटी ठकुराई डोटी राज्य के अधीन थी, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच राजनीतिक संबंध का संकेत मिलता है।
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6. मणकोटी ठकुराई किस राज्य के अधीन थी?
सही उत्तर: डोटी राज्य
मणकोटी ठकुराई डोटी राज्य के अधीन थी। मणकोटी शासकों के डोटी से संबंध और उनकी राजनीतिक अधीनता इस क्षेत्र के मध्यकालीन राजनीतिक इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण है।
7. मणकोटी राज्य की राजधानी का नाम क्या था?
सही उत्तर: मणकोट
मणकोट मणकोटी राज्य की राजधानी थी। गंगोलीहाट इस राज्य की प्रमुख बस्ती थी। दोनों स्थानों को अलग-अलग पहचानना Uttarakhand History के प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
8. गंगोलीहाट किस राज्य की प्रमुख बस्ती थी?
सही उत्तर: मणकोटी राज्य
गंगोलीहाट मणकोटी राज्य की प्रमुख बस्ती थी। यह राज्य सरयू और रामगंगा के मध्य स्थित था और इसकी राजधानी मणकोट में थी।
9. चन्दों द्वारा गंगोली-विजय के पश्चात् मणकोटी कुल का क्या हुआ?
सही उत्तर: वह डोटी लौट गया
कालांतर में चन्दों द्वारा गंगोली पर विजय प्राप्त करने के बाद मणकोटी कुल डोटी लौट गया। यह घटना मणकोटी राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाती है।
10. निम्न में से मणकोटी राज्य के संबंध में सही युग्म कौन-सा है?
सही उत्तर: राजधानी—मणकोट; प्रमुख बस्ती—गंगोलीहाट
मणकोटी राज्य की राजधानी मणकोट थी, जबकि गंगोलीहाट इसकी प्रमुख बस्ती थी। साथ ही, यह राज्य सरयू और रामगंगा के मध्य स्थित था और डोटी राज्य के अधीन ठकुराई था।

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