गंगोली का मणकोटी राज्य |Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय
कार्तिकेयपुरवंशीय सत्ता के पतन के बाद कुमाऊँ में अनेक स्थानीय कुलों और छोटी-छोटी राजसत्ताओं का उदय हुआ। इसी बहुराजकता के काल में गंगोली क्षेत्र में मणकोटी राज्य का अस्तित्व मिलता है। यह राज्य सरयू और रामगंगा नदियों के मध्य स्थित था तथा इसकी राजधानी मणकोट थी। गंगोलीहाट इसकी प्रमुख बस्ती थी। मणकोटी शासकों के मूल और राजनीतिक संबंधों के विषय में एटकिंसन ने इन्हें डोटी से आए चन्द्रवंशी राजपूत माना है।
प्रमुख बिंदु
- मणकोटी राज्य सरयू और रामगंगा नदियों के मध्य स्थित था।
- इस राज्य की राजधानी मणकोट में थी।
- गंगोलीहाट मणकोटी राज्य की प्रमुख बस्ती थी।
- एटकिंसन के अनुसार, मणकोटी शासक चन्द्रवंशी राजपूत थे और डोटी से आए थे।
- यह ठकुराई डोटी राज्य के अधीन थी।
- कालांतर में चंदों द्वारा गंगोली की विजय के पश्चात् मणकोटी कुल वापस डोटी लौट गया।
निष्कर्ष
गंगोली का मणकोटी राज्य कुमाऊँ में कार्तिकेयपुरवंशीय सत्ता के पतन के बाद विकसित हुई क्षेत्रीय राजसत्ताओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सरयू और रामगंगा के मध्य स्थित यह राज्य मणकोट को अपनी राजधानी बनाकर क्षेत्रीय स्तर पर शासन करता था और गंगोलीहाट इसकी प्रमुख बस्ती थी। एटकिंसन के अनुसार, मणकोटी शासक डोटी से आए चन्द्रवंशी राजपूत थे तथा उनकी ठकुराई डोटी राज्य के अधीन थी। बाद में चंदों ने गंगोली पर विजय प्राप्त कर अपनी सत्ता का विस्तार किया, जिसके परिणामस्वरूप मणकोटी कुल डोटी वापस चला गया। इस प्रकार मणकोटी राज्य कुमाऊँ की मध्यकालीन बहुराजकता और चंदों द्वारा क्रमिक राजनीतिक एकीकरण को समझने में महत्वपूर्ण है।