राजा सुरपाल या सुरतिपाल |Parmar/Panwar Dynasty|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय
पंवार/परमार वंश के प्रारंभिक शासकों में राजा सुरपाल अथवा सुरतिपाल का उल्लेख मिलता है। उपलब्ध ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर उन्हें परमार वंश का 15वाँ शासक माना जाता है। उनके संबंध में विस्तृत ऐतिहासिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, किंतु चमोली जनपद के सकण्ड ग्राम से प्राप्त अभिलेख उनके ऐतिहासिक अस्तित्व का महत्वपूर्ण प्रमाण प्रस्तुत करता है। यह अभिलेख प्रारंभिक पंवार/परमार राजवंश के शासकों एवं उनके शासन-काल के अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
प्रमुख बिंदु
- सुरपाल या सुरतिपाल को पंवार/परमार वंश का 15वाँ शासक माना जाता है।
- सुरपाल के नाम से संबंधित एक महत्वपूर्ण अभिलेख चमोली जनपद के सकण्ड ग्राम से प्राप्त हुआ है।
- सकण्ड ग्राम से प्राप्त यह अभिलेख सुरपाल/सुरतिपाल के ऐतिहासिक अस्तित्व का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है।
- इस अभिलेख के आधार पर प्रारंभिक पंवार/परमार शासकों के इतिहास के पुनर्निर्माण में सुरपाल का विशेष महत्व है।
निष्कर्ष
राजा सुरपाल अथवा सुरतिपाल पंवार/परमार वंश के प्रारंभिक शासकों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्हें वंश का 15वाँ शासक माना जाता है। उनके शासन और व्यक्तित्व के संबंध में विस्तृत सामग्री उपलब्ध न होने के बावजूद चमोली के सकण्ड ग्राम से प्राप्त अभिलेख उनके अस्तित्व का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रमाण है। प्रारंभिक परमार शासकों के इतिहास में अभिलेखीय प्रमाणों का विशेष महत्व है, क्योंकि इनके माध्यम से वंश की ऐतिहासिकता और शासकों के क्रम को समझने में सहायता मिलती है। अतः सुरपाल से संबंधित सकण्ड अभिलेख गढ़वाल के प्रारंभिक पंवार/परमार इतिहास के अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है।