सोमचंद भाग -2
- सोमचंद को भगवान शिव का उपासक माना जाता है
- परंपरा के अनुसार सोमनाथ मंदिर का निर्माण सोमचंद द्वारा कराया गया था।
- के. पी. नौटियाल के अनुसार सोमचंद ने संभवतः जागेश्वर में भी कुछ मंदिरों का निर्माण कराया था।
- परंपरा में चौखुटिया की गणेश मूर्ति की स्थापना का श्रेय भी सोमचंद को दिया जाता है।
- कुछ परंपराओं के अनुसार कुमाऊँ में ऐपण कला की शुरुआत सोमचंद के समय से मानी जाती है।
- कुछ परंपराओं में सोमचंद को कन्नौज नरेश का भाई तथा प्रयाग के शासक चंद्रपाल फूर का वंशज बताया गया है। इस विवरण को परंपरागत मत के रूप में देखना अधिक उचित है।
निष्कर्ष
राजा सोमचंद को सामान्यतः कुमाऊँ के चंद वंश का संस्थापक माना जाता है, यद्यपि उसके जीवन और चंद वंश की प्रारंभिक स्थापना से संबंधित अनेक विवरणों में ऐतिहासिक मतभेद हैं। चंपावत को राजनीतिक केंद्र बनाना, राजबुंगा किले की स्थापना, स्थानीय शक्तियों पर नियंत्रण तथा राज्य-विस्तार सोमचंद से संबंधित प्रमुख परंपराएँ हैं। प्रशासनिक स्तर पर बूढ़ा-सयानों तथा पंचायती व्यवस्था का उल्लेख उसके स्थानीय शासन से जुड़ी महत्वपूर्ण विशेषता है। धार्मिक रूप से उसे शिवोपासक माना जाता है तथा सोमनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक गतिविधियों से जोड़ा जाता है। वहीं ऐपण कला, जागेश्वर के मंदिर, चौखुटिया की गणेश मूर्ति तथा कन्नौज संबंधी विवरणों को परंपरागत मान्यताओं के रूप में सावधानी से देखना चाहिए। इस प्रकार सोमचंद कुमाऊँ में चंद सत्ता के प्रारंभिक संगठन और विस्तार का महत्वपूर्ण व्यक्तित्व माना जाता है।