स्त्रुघ्न राज्य |Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय
स्त्रुघ्न राज्य प्राचीन उत्तर भारत के उन महत्वपूर्ण राज्यों में से एक था, जिसका उल्लेख विशेष रूप से चीनी यात्री ह्वेनसांग के यात्रा-वृत्तांत में मिलता है। यह राज्य हिमालय और गंगा-यमुना क्षेत्र के बीच स्थित था तथा इसका भौगोलिक विस्तार वर्तमान उत्तराखण्ड के कुछ पर्वतीय एवं उससे लगे मैदानी क्षेत्रों तक माना जाता है। स्त्रुघ्न की पहचान एवं सीमा के निर्धारण में ह्वेनसांग का विवरण तथा कनिंघम का मत विशेष महत्व रखते हैं। यमुना नदी का इस राज्य के मध्य से होकर बहना इसकी भौगोलिक पहचान का प्रमुख आधार है।
प्रमुख तथ्य
- कान्यकुब्ज (कन्नौज) राज्य के दूसरा भाग स्त्रुघ्न राज्य मे टूटा था।
- ह्वेनसांग के अनुसार स्त्रुघ्न की पूर्वी सीमा पर गंगा नदी तथा उत्तरी सीमा पर हिमालय स्थित था।यमुना नदी राज्य के मध्य से होकर बहती थी, जो स्त्रुघ्न की भौगोलिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है।
- इतिहासकार कनिंघम के अनुसार स्त्रुघ्न राज्य में गिरी नदी और गंगा के मध्य का क्षेत्र सम्मिलित था।
- कनिंघम के अनुसार इसमें वर्तमान सिरमौर और गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्र शामिल थे।इसके अतिरिक्त अम्बाला और सहारनपुर के कुछ मैदानी भाग भी स्त्रुघ्न राज्य का हिस्सा माने गए हैं।
- इस प्रकार स्त्रुघ्न राज्य का विस्तार हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानी भू-भाग तक था।
- यमुना, गंगा और हिमालय से घिरा होने के कारण यह राज्य भौगोलिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।
- स्त्रुघ्न का उल्लेख उत्तराखण्ड के प्राचीन इतिहास में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके अंतर्गत गढ़वाल के कुछ पर्वतीय क्षेत्रों के सम्मिलित होने की संभावना व्यक्त की गई है।
निष्कर्ष
स्त्रुघ्न राज्य प्राचीन उत्तर भारत की ऐसी राजनीतिक इकाई था, जिसका विस्तार हिमालय से गंगा-यमुना के मैदानों तक माना जाता है। ह्वेनसांग द्वारा वर्णित इसकी भौगोलिक सीमाएँ तथा कनिंघम द्वारा की गई पहचान से इसके उत्तराखण्ड से संबंध का पता चलता है। विशेष रूप से गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्र को स्त्रुघ्न का हिस्सा मानने से यह राज्य उत्तराखण्ड के प्राचीन राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण हो जाता है। गंगा, यमुना और हिमालय से संबंधित इसकी भौगोलिक स्थिति इसे तत्कालीन हिमालयी एवं मैदानी क्षेत्रों के बीच संपर्क की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में प्रस्तुत करती है।