जॉर्ज गोबान (1836–1838 ई.)
परिचय
जॉर्ज गोबान ने 1836 से 1838 ई. तक कुमाऊँ कमिश्नर के रूप में कार्य किया। उसका कार्यकाल बहुत लंबा नहीं रहा। प्रशासनिक अनुभव एवं व्यवहार-कुशलता की कमी के कारण उसे आलोचना का सामना करना पड़ा। उसके कार्यकाल में सदर अमीन पद का सृजन, पुलिस व्यवस्था का विस्तार तथा दास-विक्रय पर प्रतिबंध जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उसके प्रशासन का मूल्यांकन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी रॉबर्ट मार्टिन्स बर्ड अल्मोड़ा आए और गोबान तथा उसके पूर्ववर्ती ट्रेल की प्रशासनिक नीतियों की आलोचना की।
जॉर्ज गोबान के प्रमुख कार्य एवं घटनाएँ
- जॉर्ज गोबान को प्रशासनिक अनुभव की कमी के कारण एक अनुभवहीन कमिश्नर के रूप में आलोचना का सामना करना पड़ा।
- गोबान की प्रशासनिक अयोग्यता का मूल्यांकन करने के लिए वरिष्ठ बोर्ड सदस्य रॉबर्ट मार्टिन्स बर्ड अल्मोड़ा आए।
- बर्ड ने ट्रेल तथा गोबान दोनों के शासन की कड़ी आलोचना की।
- अनुभवहीनता एवं व्यवहार-कुशलता की कमी के कारण गोबान को 1838 ई. में पद से हटा दिया गया।
- 1837 ई. में गोबान ने सदर अमीन का पद सृजित किया।
- 1837 ई. में कुमाऊँ का पहला पुलिस थाना अल्मोड़ा में स्थापित किया गया।
- 1836 ई. में गोबान ने दास-विक्रय पर प्रतिबंध लगाया।
निष्कर्ष
जॉर्ज गोबान का कार्यकाल छोटा होने के बावजूद कुमाऊँ की प्रशासनिक व्यवस्था के विकास में कुछ महत्वपूर्ण कदमों के लिए जाना जाता है। उसके समय सदर अमीन के पद का सृजन, अल्मोड़ा में पहला पुलिस थाना तथा दास-विक्रय पर प्रतिबंध जैसे कार्य हुए। हालांकि प्रशासनिक अनुभव एवं व्यवहार-कुशलता की कमी के कारण उसे आलोचना का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारी रॉबर्ट मार्टिन्स बर्ड द्वारा ट्रेल और गोबान की प्रशासनिक व्यवस्था की आलोचना के बाद गोबान को 1838 ई. में पद से मुक्त कर दिया गया।