वायसराय हार्डिंग बम कांड की योजना

परिचय

बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी गतिविधियों का विस्तार हुआ। ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारियों ने गुप्त संगठनों और योजनाओं के माध्यम से विरोध किया। इसी क्रम में 23 दिसंबर 1912 का हार्डिंग बम कांड, जिसे दिल्ली बम कांड भी कहा जाता है, भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना थी। इस घटना की योजना से देहरादून का भी संबंध रहा।

प्रमुख तथ्य

1. योजना एवं देहरादून से संबंध

  • देहरादून स्थित टैगोर विला को लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना से जोड़ा जाता है।
  • इस क्रांतिकारी गतिविधि में रास बिहारी बोस की प्रमुख भूमिका थी।
  • योजना के क्रियान्वयन के लिए रास बिहारी बोस और बसंत कुमार दिल्ली गए थे।

2. हार्डिंग बम कांड (दिल्ली बम कांड)

  • 23 दिसंबर 1912 को दिल्ली में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंका गया।
  • इस घटना में रास बिहारी बोस, बसंत कुमार, मास्टर अवध बिहारी और बाल मुकुंद के नाम प्रमुख रूप से जुड़े हैं।
  • घटना के बाद क्रांतिकारियों की तलाश और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई।
  • रास बिहारी बोस गिरफ्तारी से बचकर निकल गए, जबकि अन्य आरोपियों को मुकदमे का सामना करना पड़ा।

निष्कर्ष

हार्डिंग बम कांड ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी प्रतिरोध की एक उल्लेखनीय घटना थी। 23 दिसंबर 1912 को हुई इस घटना का संबंध दिल्ली के साथ-साथ देहरादून में बनाई गई योजना से भी जोड़ा जाता है। रास बिहारी बोस की भूमिका और घटना से जुड़े क्रांतिकारियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई इसके प्रमुख ऐतिहासिक पहलू हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *