एडवर्ड गार्डनर (मई 1815 – अप्रैल 1816 ई.)

परिचय

1815 ई. में गोरखों की पराजय के बाद कुमाऊँ-गढ़वाल क्षेत्र में ब्रिटिश शासन की स्थापना हुई। ब्रिटिश शासन के प्रारंभिक चरण में प्रशासन को व्यवस्थित करने के लिए कुमाऊँ को एक अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में संगठित किया गया। एडवर्ड गार्डनर को मई 1815 ई. में ब्रिटिश कुमाऊँ का पहला कमिश्नर नियुक्त किया गया। उसका कार्यकाल लगभग नौ महीने रहा। उसके समय में राजस्व, भूमि-बंदोबस्त, डाक व्यवस्था तथा सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इसके बाद गार्डनर को नेपाल में कंपनी का राजनीतिक प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया गया और जॉर्ज विलियम ट्रेल ने कुमाऊँ के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एडवर्ड गार्डनर के समय की प्रमुख घटनाएँ

  • मई 1815 ई. में एडवर्ड गार्डनर को ब्रिटिश कुमाऊँ का पहला कमिश्नर नियुक्त किया गया।
  • गार्डनर का कमिश्नर के रूप में कार्यकाल लगभग 9 महीने रहा।
  • जुलाई 1815 ई. में जॉर्ज विलियम ट्रेल को एडवर्ड गार्डनर का सहायक नियुक्त किया गया।
  • सुगौली की संधि की पुष्टि के बाद एडवर्ड गार्डनर को काठमांडू दरबार में ईस्ट इंडिया कंपनी का राजनीतिक एजेंट नियुक्त किया गया।
  • गार्डनर के समय ब्रिटिश कुमाऊँ में 7 तहसीलें तथा गढ़वाल में 2 तहसीलें थीं।
  • जून 1815 ई. में गार्डनर ने बच्चों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी।
  • बच्चों की बिक्री पर लगाया जाने वाला कर भी समाप्त कर दिया गया।
  • गार्डनर के कार्यकाल में उसके सहायक जॉर्ज विलियम ट्रेल ने अल्मोड़ा और श्रीनगर के बीच डाक सेवा प्रारंभ की।
  • 1815 ई. में अल्मोड़ा और श्रीनगर के बीच शुरू की गई यह डाक सेवा उत्तराखण्ड में प्रारंभिक डाक व्यवस्था के रूप में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
  • गार्डनर ने कुमाऊँ में पहला भू-बंदोबस्त करवाया, जिससे ब्रिटिश शासन की राजस्व व्यवस्था को व्यवस्थित आधार मिला।

निष्कर्ष

एडवर्ड गार्डनर का कार्यकाल भले ही लगभग नौ महीने का रहा, लेकिन ब्रिटिश कुमाऊँ में प्रशासनिक व्यवस्था की नींव रखने की दृष्टि से उसका शासन महत्वपूर्ण था। उसने राजस्व एवं भूमि-बंदोबस्त को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाए तथा सामाजिक क्षेत्र में बच्चों की खरीद-फरोख्त पर रोक और उससे संबंधित कर समाप्त किया। उसके समय अल्मोड़ा–श्रीनगर डाक सेवा की शुरुआत हुई, जिसने संचार व्यवस्था को गति दी। गार्डनर के बाद जॉर्ज विलियम ट्रेल ने कुमाऊँ के प्रशासन को अधिक व्यवस्थित एवं विस्तृत रूप दिया। इस प्रकार गार्डनर का काल ब्रिटिश उत्तराखण्ड में प्रारंभिक प्रशासनिक पुनर्गठन का महत्वपूर्ण चरण था।

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