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इष्टगणदेव|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय निम्बर के पश्चात उसका पुत्र इष्टगणदेव कार्तिकेयपुर राज्य की राजगद्दी पर बैठा। वह कार्तिकेयपुर राजवंश के प्रमुख एवं प्रभावशाली शासकों में माना जाता है। उसके शासनकाल में राज्य के राजनीतिक विस्तार और एकीकरण की प्रक्रिया को गति मिली। उसने स्वयं को ‘परम भट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर’ की उपाधि से विभूषित किया, जो उसकी राजनीतिक प्रतिष्ठा…
थानेश्वर का हर्षवर्धन वंश |Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय हर्षवर्धन वंश, जिसे पुष्यभूति अथवा वर्धन वंश भी कहा जाता है,हर्षवर्धन वंश उत्तर भारत के गुप्तोत्तर काल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राजवंश था। हर्षवर्धन ने थानेश्वर से अपनी राजनीतिक शक्ति का विस्तार करते हुए बाद में कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया और उत्तर भारत के विशाल भू-भाग पर प्रभाव स्थापित किया। उत्तराखण्ड के इतिहास…
UTTRAKHAND HISTORY CONTENT TYPE IN HINDI
CONTENT TYPE IN HINDI 1. THEORY 2. MCQ
बैजनाथ के परवर्ती कात्यूरी राजा :राजा प्रीतमदेव (पिथौराशाही, पृथ्वीपाल, पृथ्वीशाही)|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय प्रीतमदेव बैजनाथ की रणचूलीहाट स्थित मूल कात्यूरी शाखा के प्रमुख एवं अंतिम शक्तिशाली शासकों में माना जाता है। विभिन्न राजावलियों और लोकगाथाओं में उसके नाम के अलग-अलग रूप मिलते हैं, जिससे उसकी लोकप्रियता और ऐतिहासिक महत्त्व स्पष्ट होता है। उसके शासनकाल की सबसे प्रसिद्ध घटना चित्रशिला (रानीबाग) का युद्ध मानी जाती है, जिसमें उसने…
खर्परदेव |Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय खर्परदेव कत्यूरी वंश के प्रारम्भिक एवं महत्वपूर्ण शासकों में माना जाता है। उसके शासनकाल का उल्लेख मुख्यतः बागेश्वर शिलालेख से प्राप्त होता है। वह ऐसे समय में कत्यूरी सत्ता का प्रतिनिधित्व कर रहा था, जब उत्तर भारत में कन्नौज के यशोवर्मन और कश्मीर के ललितादित्य मुक्तपीड़ जैसी शक्तियाँ हिमालयी क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ा…
ललितशूरदेव|Uttarakhand History In Hindi | Uttarakhand GK | Ukpsc/Uksssc Notes/Study Material
परिचय इष्टगणदेव के पश्चात उसका पुत्र ललितशूरदेव कार्तिकेयपुर राज्य की राजगद्दी पर बैठा। उसे कत्यूरी वंश के सर्वाधिक प्रतापी एवं शक्तिशाली शासकों में गिना जाता है। उसके शासनकाल से सर्वाधिक संख्या में ताम्रपत्र प्राप्त हुए हैं, जिनसे तत्कालीन राजनीतिक, धार्मिक एवं सामाजिक स्थिति की जानकारी मिलती है। ललितशूरदेव एक दानी, धर्मपरायण एवं कुशल शासक था।…